best news portal development company in india

बिना तैयारी के उतरे मैदान मे मिली हार, तो ठीकरा फुटा पार्षद पर

SHARE:

[responsivevoice_button voice="Hindi Female"]

 

बालोद

बालोद जिले के गुरुर नगर पंचायत में आज नगर पंचायत उपाध्यक्ष प्रमोद सोनवानी के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के तहत मतदान सम्मेलन का आयोजन किया गया जहां पर नगर पंचायत उपाध्यक्ष ने अपनी कुर्सी बचा ली उनके पक्ष में 7 मत मिले तो 6 मत भाजपा की तरफ से उनके विपक्ष में वही दो पार्षद अनुपस्थित रहे जिसमें दोनों पार्षद भारतीय जनता पार्टी के विचारधारा के बताए जा रहे हैं एक ने सिंबल से चुनाव लड़ा था और एक बाद में बीजेपी की विचारधारा में शामिल हो गई थी बिना तैयारी अवैध किला को नहाने निकली भाजपा को मुंह के बल गिर ना पड़ा यह उनकी दूसरी बड़ी गलती है सबसे पहले नगर पंचायत में अध्यक्ष को गिराने के समय एकजुटता दिखाने में भाजपा पूरी तरह फेल हुई थी दूसरी बार में भी भारतीय जनता पार्टी एकजुट नजर नहीं आ रही है यू कह सकते हैं कि भारतीय जनता पार्टी का राजनीतिक कौशल हासिये पर है वहीं नदारद भाजपा पार्षद मुकेश साहू ने तीखा आरोप लगाया है कि मेरे खिलाफ निष्कासन की अनुशंसा की जा रही है तो पहले उनका निष्कासन किया जाए जो भाजपा के पार्षद चंद्र लता साहू जितेश वरी निषाद पी आई सी में कांग्रेस की अध्यक्ष के साथ शामिल हुए थे तब भारतीय जनता पार्टी के मंडल अध्यक्ष कौशल साहू कहां थे और कहां था भाजपा का यह तथाकथित संगठन।

नफरत की दुकान हुई बंद

पूरे मामले में संजारी बालोद विधानसभा क्षेत्र की विधायक संगीता सिन्हा ने कहा कि यह मेरे गृह नगर का मामला है और उन्होंने बड़े ही शायराना अंदाज में कहा कि गुरुर में नफरत की दुकान बंद हुई है अब हम प्रेम फैलाने निकले हुए हैं उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी लगातार वह प्रयास करना चाहती है जो वह नहीं कर पा रही है वह नफरत फैलाने और नगर में विकास रोकने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं परंतु कांग्रेस अटूट है और उसका ध्यान केवल नगर के विकास के लिए है आज यह साबित भी हो गया और भाजपा को आगे ध्यान रखना चाहिए कि नफरत फैलाना बंद करें शहर के विकास में मिलकर योगदान करें।

जानिए कौन रहे अनुपस्थित

बालोद जिले के गुरुर नगर पंचायत में आज 11 बजे से मतदान की प्रक्रिया शुरू हुई तो देखने को मिला कि भाजपा का एक पार्षद मतदान में शामिल नहीं हुआ अब इसके साथ ही पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष टीकेश्वरी साहू भी नदारद रही भाजपा कांग्रेस से जीतकर नगर पंचायत अध्यक्ष बनी टिकेश्वर साहू के लिए तो भारतीय जनता पार्टी जिला एवं मंडल संगठन ने एड़ी चोटी लगा दिया था आखिर वह अध्यक्ष भी आज भाजपा के समर्थन को लेकर सामने नहीं आ पाई लिहाजा भारतीय जनता पार्टी का उपाध्यक्ष को गिराने का यह प्रयास असफल रहा। इस तरह 7 मत उपाध्यक्ष के समर्थन में 6 विपक्ष में और 2 अनुपस्थित रहे कुल 15 पार्षद नगर पंचायत में हैं।

निष्कासन की अनुशंसा

गुरुर मंडल के अध्यक्ष कौशल साहू से जब इस विषय में चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि जो पार्षद भाजपा का अनुपस्थित था वही एक कारण है हमारी हार का और हम उसके निष्कासन के लिए अनुशंसा कर रहे हैं आपको बता दें कि इसी मंडल अध्यक्ष ने अविश्वास प्रस्ताव लाने के समय यह कहा था कि मुझे जानकारी नहीं है पार्षदों से पूछा जाए वही खुद को मामले से अनभिज्ञ भी बताया था अब उन्होंने सक्रियता से एक पार्षद के निष्कासन की अनुशंसा करने की बात कही है।

जानिए पार्षद मुकेश साहू का जवाब

नगर पंचायत के पार्षद मुकेश साहू ने भी मंडल अध्यक्ष के इस कथन का जवाब दिया है पार्षद मुकेश साहू ने बताया कि पार्षदों की ना बैठक हुई ना ही उन्हें एकजुट करने का प्रयास किया गया नेता प्रतिपक्ष चिंता साहू द्वारा मनमानी की गई वह केवल 3 महिला पार्षदो को साथ लेकर चलता है और बाकी पार्षदों को कुछ नहीं समझता जब उनके तीन महिला पार्षद पीआईसी में शामिल हुए थे तब कहां था यह जिला और मंडल का संगठन तब क्यों इन पार्षदों के ऊपर निष्कासन की कार्रवाई नहीं की गई मंडल अध्यक्ष ने मुझे व्यक्तिगत रूप से यह भी कहा था कि मुझे कुछ भी पूछा नहीं यह है मेरी सहमति के बिना अविश्वास प्रस्ताव लाने कलेक्ट्रेट गया था भारतीय जनता पार्टी मंडल की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में है और नेता प्रतिपक्ष को कुछ महिला पार्षदों के साथ घूमने से फुर्सत नहीं है यहां और भी तो पार्षद हैं पार्षदों के साथ भी दूजा व्यवहार संगठन द्वारा किया जाता है।

क्या सभी पार्षदों का निष्कासन

भारतीय जनता पार्टी में मानों अपना पराया की नीति चल रही है एक तरफ आज अनुपस्थित पार्षद को निष्कासन के लिए पूरी मंडल की टीम सक्रिय हो गई है तो वह सक्रिय टीम तब कहां थी जब भारतीय जनता पार्टी के महिला पार्षद कांग्रेस के अध्यक्ष के साथ दिया इसी में शामिल हो गए थे उस समय उनके मुंह पर टेप लगे हुए थे आज जनमानस में यह चर्चा बनी हुई है कि विधानसभा के पूर्व भाजपा अपने पार्षदों को एकजुट नहीं कर पा रही अपने कार्यकर्ताओं को एकजुट नहीं कर पा रही है तो आखिर विधानसभा चुनाव में यह क्या मुंह लेकर जनता के बीच जाएंगे।

उपस्थित रहता तब भी नहीं गिरा पाते

भारतीय जनता पार्टी अपनी हार का सारा ठीकरा उसे एक पार्षद मुकेश साहू पर पड़ रही है जो के अनुपस्थित था तेरा उपस्थित पार्षदों में बहुमत के लिए 9 वोटों की जरूरत थी परंतु पड़े केवल चाय यदि 15 के 15 पार्षद उपस्थित रहते और भाजपा के सभी पार्षद मतदान भाजपा के पक्ष में उपाध्यक्ष को गिराने के लिए करते तब भी उपाध्यक्ष नहीं गिर जाता क्योंकि भारतीय जनता पार्टी को अब एक विषय चाहिए अपनी हार को बचाने का इसलिए वह सारा ठीकरा पार्षद के ऊपर छोड़ रही है जबकि यह सर्व व्याप्त है कि संगठन अपने सभी पार्षदों को शुरुआत से ही एकजुट करने में असफल रही है।

Leave a Comment

best news portal development company in india
best news portal development company in india
सबसे ज्यादा पड़ गई