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कोविड काल में कैसे निभाई अपनी जिम्मेदारी.. फील्ड में उतरकर किया कार्य, 946 मिट्रिक टन भेजा खाद्यान्न… और क्या है प्लास्टिक चांवल की असलियत..?

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बालोद

बालोद जिले के ग्राम जगतरा में भारतीय खाद्य निगम द्वारा आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां पर भारतीय खाद्य निगम ने अपने द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी मुख्य अतिथि सहित आम जनता को दी । कैसे कोरोना वायरस के संक्रमण काल में भी फील्ड में उतर कर कार्य करते रहे तब जाकर लोगों तक खाद्यान्न पहुंचा केंद्र सरकार की उचित नीतियों के कारण कुपोषण से लड़ाई लड़ने भी वे प्रयासरत हैं और इसी के तहत कई सारी योजनाएं फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के तहत संचालित है । उक्त आयोजन में बतौर मुख्य अतिथि संजारी बालोद विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक प्रीतम साहू, क्षेत्र के पूर्व विधायक वीरेंद्र साहू, जनपद अध्यक्ष प्रेमलता साहू भी शामिल हुए, मुख्य अतिथियों ने कहा आजादी की लड़ाई किसान आंदोलन था कृषि आंदोलन से ही आजादी का राह खुला चंपारण, बारडोली सत्याग्रह ये सब इसके उदाहरण है।

पूर्व विधायक प्रीतम साहू ने कहा कि एक समय था जब लोगों के घर काम करने जाते थे तब अनाज मिलता था पर आज केंद्र सरकार राज्य सरकार के प्रयासों आज विभिन्न प्रकार के चांवल मिल रहे हैं फोर्टीफाइड चांवल मिलने लगा है उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री ने लोगों के कैसे इस समस्या से निकले इस चिंता में थी और बेहतरीन कदम उठाए गए और भारतीय खाद्य निगम भी इसके लिए प्रतिबद्ध थी।
पूर्व विधायक वीरेंद्र साहू ने कहा कि यहां पर केंद्र सरकार द्वारा एफसीआई के माध्यम से पूरे देश में खाद्यान्न के बेहतरीन व्यवस्था बनाने में जुटे हुए हैं पहले लोग भूख से मर जाते थे लेकिन जब से चांवल वितरण की शुरुआत हुई तब से आत्मनिर्भरता आया तथा तब इसका फायदा छत्तीसगढ़ की जनता को मिला वैश्विक महामारी से हम सब पीड़ित थे लोग एक दूसरे से बात करना पसंद नहीं करते थे तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने सभी को घरों में कैद रहने की अपील की थी।
मंडल प्रबंधक बफपाल बीर सिंह ने कहा कि एक समय था जब लोग घर से बाहर निकलने से डरते थे तब भारतीय खाद्य निगम के कर्मवीरों ने फील्ड में उतरकर कार्य किए और देश के विभिन्न हिस्सों में 946 मिट्रिक टन खाद्यान्न भेजा गया ऐसा समय भी आया जब एक ही दिन में 102 रैक लगाए गए सामान्य चांवल को आवश्यक पोषक तत्व मिलाए जाते हैं यह प्रक्रिया लाइसेंस लैब में प्रस्तुत की जाती है और आयरन विटामिन बी और सम्पूर्ण पोषण स्वास्थ्य जीवन।
इसके साथ ही एफसीआई के अधिकारियों ने कहा कि हर चौथा बच्चा कुपोषण का शिकार होता है इसे देखते हुए हर व्यक्ति तक पोषण पहुंचाना सरकार की जिम्मेदारी है इस फोर्टीफाइड चांवल को बीच में प्लास्टिक चांवल का मिथक दिया गया था और यह आईसीडीएस और मध्यान्ह भोजन में जा रहा है इस दौरान मंडल प्रबंधक के साथ, खाद्य अधिकारी एच एल बंजारे सहित फूड कॉरपोरेशन के अधिकारी सहित हमाल बंधु एवं आम जनता मौजूद रही।

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