बालोद।
लोगों को नशे से आजादी दिलाने के लिए प्रदेश सरकार ने छत्तीसगढ़ के कई जगहों पर नशा मुक्ति केंद्र खोलने बात की है। अगर उसी नशा मुक्ति केंद्र में वहां के कर्मचारी नशे की हालत में केंद्र पहुंचे तो फिर वहां भर्ती मरीजों का क्या होगा। दरअसल बालोद जिला मुख्यालय के बुढ़ापारा में संचालित नशा मुक्ति केंद्र के कर्मचारी यनेंद्र देशमुख हर रोज रात को शराब के नशे की हालत में वहां पहुंचते हैं और अपने साथ अन्य लड़कों को भी साथ लेकर आते हैं और देर रात वहां भर्ती मरीजों से मारपीट करते हैं। एक मरीज को तो आधी रात उठा कर उनका पूरा कपड़ा निकाल कर उनके साथ मारपीट किया। यह सिलसिला पिछले कई दिनों से चल रहा है। कर्मचारी के इस रवैया से वहाँ भर्ती मरीज दहशत के साए में जी रहे हैं। बड़ी बात तो यह है कि कर्मचारी के इस रवैया पर संबंधित संस्थान के संचालक भलीभांति वाकिफ है बावजूद इसके इतने दिनों तक चुप्पी साधना समझ से परे है। जब इसकी जानकारी संबंधित संस्थान को हुई तो औपचारिकता पूरी करते हुए उन्हें निलंबित करने की जानकारी सामने आ रही है।







