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सासंद प्रतिनिधि का गरीबों के हक पर डांका, पार्टी की मौन सहमति

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बालोद

बालोद जिले में इन दिनों भारतीय जनता पार्टी के लेटर पैड का एक लेटर तेजी से वायरल हो रहा है जब इस वायरल पत्र की तथ्यात्मक जांच की गई तो पता चला कि इसमें लिखे हुए शब्द तो असली है परंतु लेटर पैड फर्जी है और यह फर्जीवाड़ा करने का आरोप संसद के कथित प्रतिनिधि एवं जनपद सदस्य के पति अजेंद्र साहू के ऊपर लगाया जा रहा है जिले के गुरूर मंडल के अध्यक्ष कौशल साहू ने बताया कि सांसद स्वेच्छा अनुदान में लेनदेन के विषय के खंडन को लेकर कोरे कागज में सांसद प्रतिनिधि पर लगे लेनदेन के आप को निराधार बताया गया है परंतु उसके द्वारा इस कोरे कागज में भारतीय जनता पार्टी का लेटर हेड लगाकर इसे सोशल मीडिया में वायरल कर दिया गया अब देखते हैं कि इस पर पूरा जिला व मंडल संगठन क्या निर्णय लेता है।

क्या है मामला

दरअसल यह पूरा मामला जनपद सदस्य के पति एवं कथित सांसद प्रतिनिधि अजेंद्र साहू से जुड़ा हुआ है जिस पर सांसद स्वेच्छानुदान की राशि में 1000 रुपए कमीशन लेने सहित स्वेच्छानुदान हितग्राही से चेक देने के बदले जूता मांगे जाने की बात सामने आई है महत्वपूर्ण मसलों पर एक साथ न बैठने वाली भारतीय जनता पार्टी ने इस सांसद प्रतिनिधि पर लगे आरोपों को खंडन करने के लिए कुछ नेताओं के साथ भाजपा कार्यालय में बैठ गई और इन नेताओं ने सांसद प्रतिनिधि को क्लीन चिट दे दिया उसके बाद उसे सांसद प्रतिनिधि ने उसे पत्र को लेटर हेड के साथ सोशल मीडिया में वायरल कर दिया सांसद प्रतिनिधि द्वारा बीते गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी मंडल गुरुर के अधिकृत व्हाट्सएप ग्रुप से इसे वायरल किया गया।

एक और सांसद प्रतिनिधि ने लगाया आरोप

इस क्षेत्र के सांसद प्रतिनिधि एवं भारतीय जनता पार्टी के महामंत्री मेहत्तर नेताम का एक ऑडियो हमें प्राप्त हुआ है जिसमें उन्होंने अजेंद्र साहू के ऊपर गंभीर आरोप लगाए हैं इस ऑडियो में वह कहते नजर आ रहे हैं कि निम्न स्तर का व्यक्ति है अजेंद्र साहू और कई हितग्राहियों से उसने एक-एक हजार रुपए कमीशन लिए हैं बतौर यह बात कही गई है कि संसद के कथित प्रतिनिधि अजेंद्र साहू द्वारा मैं आपको चेक दिलाया हूं मेरी काफी मेहनत है ऐसा बोलकर लोगों से एक 1000 रुपए की मांग की जाती है पूरे घटनाक्रम के बाद भारतीय जनता पार्टी में जमकर हड़कंप मचा हुआ है और बीजेपी की किरकिरी हो रही है बावजूद इसके जिला एवं मंडल संगठन कोई ठोस कार्रवाई किए बिना मौन सहमति दिए बैठे हुए हैं।

जानिए भाजपा की हकीकत

गरीबों के पैसे में डाका डालने का मामला सामने आता है और गरीबों की हक की लड़ाई लड़ने के तमाम दावे करने वाली भारतीय जनता पार्टी जो बीते 1 वर्ष से तमाम विवादों में चल रही है चाहे वह नगर पंचायत हो चाहे पार्षद मुकेश साहू का निष्कासन का विषय एक पार्षद को बिना किसी नोटिस के बिना किसी स्पष्टीकरण के पार्टी से बाहर कर दिया जाता है तो वही गरीबों के हक पर डाका डालने वाले कथित सांसद प्रतिनिधि को बचाने के लिए तीन-चार स्व घोषित नेता जिसमें मंडल अध्यक्ष कौशल साहू इशा प्रकाश साहू मेहत्तर नेताम व नंदकिशोर शर्मा शामिल है इनके द्वारा सांसद प्रतिनिधि को क्लीन चिट दे दिया जाता है आने वाले समय में विधानसभा चुनाव हैं और ऐसे में जब कथित नेता ही गरीबों के हक पर डाका डालने लगेंगे तो बीजेपी कौन सा चेहरा लेकर लोगों के बीच वोट मांगने जाएगी।

अचानक सासंद के करीब आए अजेंद्र

आपको बता दें कि अजेंद्र साहू अचानक सासंद के बेहद करीब आया और यहीं से उसकी राजनीतिक रोटी पकाने लगी इससे पहले वह कुछ नेताओं को अपनी गाड़ी में लाने ले जाने का काम किया करता था जनपद चुनाव के समय से उसने भारतीय जनता पार्टी में एंट्री ली इससे पहले बताया जाता है कि वह किसी घटना के बाद से बस्तर चला गया था वापस लौट के बाद उसने भारतीय जनता पार्टी में सक्रियता दिखाई क्योंकि हर व्यक्ति को एक सीढ़ी की जरूरत रहती है तो उसने किसी को सीढ़ी बनाया फिर उसे उखाड़ फेंक दिया क्योंकि संसद के बेहद करीब होने के कारण उसे कई सांसद निधि के कामों में पंचायत के नाम से कम करने का अवसर भी मिला।

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